अब सौंप दिया इस जीवन का लिरिक्स, Ab Saup Diya Is Jivan Ka Notation With Lyrics

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Ab Saup Diya Is Jivan Ka Lyrics, अब सौंप दिया इस जीवन का लिरिक्स

इस पोस्ट में आपको Ab Saup Diya Is Jivan Ka Lyrics और इसका सरगम नोट्स भी  दिया जा रहा है | 

Ab Saup Diya Is Jivan Ka Lyrics

Ab Saup Diya Is Jivan Ka Lyrics In Hindi

यहाँ Ab Saup Diya Is Jivan Ka Lyrics In Hindi दिया गया है |
स्थाई –
अब सौंप दिया इस जीवन का,
सब भार तुम्हारे हाथों में।
है जीत तुम्हारे हाथों में,
और हार तुम्हारे हाथों में॥
 
अंतरा –
मेरा निश्चय बस एक यही,
एक बार तुम्हे पा जाऊं मैं।
अर्पण करदूँ दुनिया भर का
सब प्यार तुम्हारे हाथों में॥
 
जो जग में रहूँ तो ऐसे रहूँ,
ज्यों जल में कमल का फूल रहे।
मेरे सब गुण दोष समर्पित हों,
करतार तुम्हारे हाथों में॥
यदि मानव का मुझे जनम मिले,
तो तव चरणों का पुजारी बनू।
इस पूजक की एक एक रग का
हो तार तुम्हारे हाथों में॥
 
जप जब संसार का कैदी बनू,
निष्काम भाव से करम करूँ।
फिर अंत समय में प्राण तजूं,
निरंकार तुम्हारे हाथों में॥
 
मुझ में तुझ में बस भेद यही,
मैं नर हूँ तुम नारायण हो।
मैं हूँ संसार के हाथों में,
संसार तुम्हारे हाथों में॥
 
अब सौंप दिया इस जीवन का,
सब भार तुम्हारे हाथों में।
है जीत तुम्हारे हाथों में,
और हार तुम्हारे हाथों में॥

Ab Saup Diya Is Jivan Ka Notation

Ab Saup Diya Is Jivan Ka Notation With Lyrics में लगने वाले स्वर हैं – सा, रे, ग, तीव्र म, प, ध, नि और सां |

  • इस Ab Saup Diya Is Jivan Ka Notation With Lyrics भजन में सभी स्वर शुद्ध और तीव्र म का प्रयोग किया गया है इसलिए यह थाट – यमन पर आधारित भजन है एवं सभी म तीव्र होने से किसी भी चिन्ह का प्रयोग नही किया गया है |

स्थाई –
अब  सौंप  दिया  इस  जीवन का
रेसा  रेग   मग   गध  पमग  रे
सब भार  तुम्हारेs  हाsथों  मेंss
पप पप   पपनिध  निधप  मगरे
हैs   जीत  तुम्हारेs  हाsथों  में
रेसा  रेग   मगगध  पमग  रे
और हार   तुम्हारेs  हाsथों  मेंss
पप  पप   पपनिध  निधप  मगरे

अंतरा –
मेरा   निश्चय  बsस   एsक   यही
निनि  निधनि  निनिध  सांनिध  पप
एक  बाsर  तुम्हे  पाs   जाsऊंs  मैंs
पप  धधसां  निध  पनि  धपमग रेसा
अर्पण करदूँ   दुनिया भर  का
रेसारे  गमग  गधप  मग  रे
सब प्यार  तुम्हारेs   हाsथों  मेंss
पप  पप   पपनिध  निधप  मगरे

जो जग में  रहूँ   तोs    ऐsसे   रहूँ
नि निनि ध निनि निध  सांनिध  पप
ज्यों  जsल  मेंs   कमल का  फूsल रहे
पप  धधसां  निध  पनि  ध  पमग रेसा
मेरे   सब  गुण   दोष समर्पित हों
रेसा  रेग   मग   गध  पमग   रे
करतार  तुम्हारेs   हाsथों मेंss
पपपप   पपनिध  निधप  मगरे

यदि   मानव  का मुझेs     जनम   मिले
निनि  निध   नि  निनिध  सांनिध  पप
तो   तsव  चरणों  का पुजारीs  बनू
पप  धधसां  निधप नि  धपमग  रेसा
इस  पूजक  की  एक  एक  रग का
रेसा  रेगम   ग  गध  पम   ग  रे
हो तार  तुम्हारेs  हाsथों मेंss
प  पप  पपनिध  निधप  मगरे

जब   जब  संसार  का  कैsदी  बनू
निनि  निध निनिनि ध  सांनिध  पप
निष्काsम भाव   सेs   करमs   करूँ
पपधधसां  निध  पनि  धपमग  रेसा
फिर अंत  समय मेंs  प्राण तजूं
रेसा  रेग  मग  गध  पम  गरे
निरंकार तुम्हारेs   हाsथों  मेंss
पपपप   पपनिध  निधप  मगरे

मुझमें तुझ  में बसs      भेsद   यही
निनि  निध नि निनिध  सांनिध  पप
मैं  नsर   हूँ  तुमs   नारायण होs
प  धधसां  नि धपनि  धपमग  रेसा
मैंs   हूँ  संसार  केs   हाsथों में
रेसा  रे  गमग  गध  पमग रे
संसार  तुम्हारेs  हाsथों  मेंss
पपप   पपनिध  निधप  मगरे

अब  सौंप  दिया  इस  जीवन का
रेसा  रेग   मग   गध  पमग  रे
सब भार  तुम्हारेs  हाsथों  मेंss
पप पप   पपनिध  निधप  मगरे
हैs   जीत  तुम्हारेs  हाsथों  में
रेसा  रेग   मगगध  पमग  रे
और हार   तुम्हारेs  हाsथों  मेंss
पप  पप   पपनिध  निधप  मगरे


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